Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
logo Explore With Arvind

Explore with Arvind

logo Explore With Arvind

Explore with Arvind

  • Home
  • News
  • Entertainment
  • Business
  • Technology
  • Health & Lifestyle
  • Travel
  • Home
  • News
  • Entertainment
  • Business
  • Technology
  • Health & Lifestyle
  • Travel
Subscribe
Close

Search

NewsTravel

क्या इंडिगो ने पूरी व्यवस्था को बंधक बना रखा है?

By aksinhalko
December 8, 2025 3 Min Read
0

Table of Contents

Toggle
  • भारत में हवाई यात्रा का सबसे बड़ा संकट: सातवें दिन भी IndiGo की उड़ानें रद्द, 7.75 लाख यात्री प्रभावित
  • संकट की मुख्य वजह: नई पायलट ड्यूटी नियम और IndiGo की तैयारी में चूक
  • दिन-प्रतिदिन का आंकड़ा (2-8 दिसंबर)
  • सरकार और नियामक की कार्रवाई
  • IndiGo का जवाब
  • बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर
  • Related

भारत में हवाई यात्रा का सबसे बड़ा संकट: सातवें दिन भी IndiGo की उड़ानें रद्द, 7.75 लाख यात्री प्रभावित

नई दिल्ली, 8 दिसंबर 2025

भारत के विमानन क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी अभूतपूर्व संकट सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने 2 दिसंबर से अब तक 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे करीब 7.75 लाख यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है। दिसंबर का पीक सीजन, शादियों का मौसम और छुट्टियों का समय होने के कारण हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद सहित कई बड़े हवाई अड्डों पर यात्रियों की भीड़, सामान गुम होने और वैकल्पिक उड़ानों के किराए में 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

संकट की मुख्य वजह: नई पायलट ड्यूटी नियम और IndiGo की तैयारी में चूक

विमानन नियामक DGCA ने 1 नवंबर 2025 से पायलटों और केबिन क्रू के लिए नए Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियम पूरी तरह लागू कर दिए। इन नियमों के तहत पायलटों की उड़ान अवधि सीमित की गई है, साप्ताहिक आराम अनिवार्य किया गया है और थकान प्रबंधन को सख्ती से लागू किया जा रहा है। ये नियम दो साल पहले ही घोषित किए गए थे, लेकिन IndiGo ने इसके लिए पर्याप्त पायलट और क्रू की भर्ती नहीं की।

  • कंपनी ने पायलटों की सैलरी फ्रीज रखी, भर्ती पर रोक लगाई और प्रतिद्वंद्वी एयरलाइंस से पायलट न लेने का समझौता किया।
  • मात्र 4 प्रतिशत अतिरिक्त क्रू रखा गया, जो पीक सीजन में नाकाफी साबित हुआ।
  • रोजाना 2,300 से अधिक उड़ानें संचालित करने वाली IndiGo का रोस्टर पूरी तरह चरमरा गया।

दूसरी ओर Air India और Akasa Air ने समय रहते तैयारी कर ली थी, इसलिए उनका प्रभाव सीमित रहा।

दिन-प्रतिदिन का आंकड़ा (2-8 दिसंबर)

  • 2 से 4 दिसंबर: 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द
  • 5 दिसंबर: एक दिन में सबसे ज्यादा 1,000+ उड़ानें रद्द, दिल्ली एयरपोर्ट से सभी प्रस्थान कुछ घंटों के लिए बंद
  • 6 दिसंबर: DGCA ने IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया
  • 7 दिसंबर: 650 उड़ानें रद्द, 3,000 से अधिक गुम बैग डिलीवर
  • 8 दिसंबर (सोमवार): 220 से अधिक उड़ानें रद्द, लेकिन 95% नेटवर्क बहाल होने का दावा

कुल मिलाकर करीब 5,000 उड़ानें रद्द, 7.75 लाख यात्री प्रभावित।

सरकार और नियामक की कार्रवाई

  • DGCA ने IndiGo को कारण बताओ नोटिस जारी किया और जवाब की समय-सीमा 24 घंटे बढ़ाई।
  • FDTL नियमों में अस्थायी छूट 10 फरवरी 2026 तक दी गई।
  • नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने संसद में कहा, “देश में पांच और नई एयरलाइंस की जरूरत है। एक-दो कंपनियों पर निर्भरता खतरनाक है।”
  • घरेलू नॉन-स्टॉप रूट्स पर किराया कैप लगाया गया। Air India और Air India Express ने अतिरिक्त शुल्क वापस करने की घोषणा की।
  • रेलवे ने 37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त AC कोच जोड़े।

IndiGo का जवाब

कंपनी के CEO पीटर एल्बर्स ने वीडियो संदेश में माफी मांगी और कहा कि 10-15 दिसंबर तक पूरी तरह सामान्य स्थिति और फरवरी 2026 तक पूर्ण सुधार का लक्ष्य है। 5-15 दिसंबर की बुकिंग पर री-शेड्यूल और कैंसिलेशन चार्ज माफ किए गए हैं।

बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर

InterGlobe Aviation (IndiGo की मूल कंपनी) का शेयर करीब 10 प्रतिशत गिरा, जिससे 16,000 करोड़ रुपये का मार्केट वैल्यू स्वाहा हो गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा विमानन बाजार होने के बावजूद भारत में केवल दो बड़ी एयरलाइंस (IndiGo + Air India ग्रुप = 90% बाजार) का वर्चस्व है, जो भविष्य में भी ऐसे संकट पैदा कर सकता है। विमान ईंधन पर ऊंचे कर, पुराने बेड़े और प्रतिस्पर्धा की कमी लंबे समय से चली आ रही समस्याएं हैं।

फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे उड़ान की स्थिति बार-बार चेक करें, वेब चेक-इन जल्दी करें और जरूरी हो तो ट्रेन का विकल्प चुनें।

यह संकट भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ा सबक है — तेज विकास के साथ मजबूत आधारभूत संरचना और प्रतिस्पर्धा भी जरूरी है।

Related

Tags:

airlines crisisIndigoइंडिगो
Author

aksinhalko

Follow Me
Other Articles
Indigo
Previous

IndiGo’s December Meltdown: How the Airline Crisis Could Become Adani’s Big Opportunity

Microscopic Nanobots
Next

Microscopic Nanobots in 2026 & Its Future

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Product Highlight

This first widget will style itself automatically to highlight your favorite product. Edit the styles in Customizer > Additional CSS.

Learn more

Copyright 2026 — Explore With Arvind. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme